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परिसीमन बिल पर बढ़ी हलचल, 16 से 18 अगस्त के बीच विशेष सत्र बुलाने की तैयारी, राहुल-रिजिजू में चर्चा

 Reported By: Vijai Laxmi Written By: Niraj Kumar
 Published : Aug 05, 2026 01:51 pm IST,  Updated : Aug 05, 2026 02:16 pm IST

परिसीमन बिल को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। सूत्रों के मुताबिक सरकार 15 अगस्त के बाद संसद का विशेष सत्र बुला सकती है। राहुल गांधी और किरन रिजिजू के बीच आज संसद में गतिरोध दूर करने को लेकर लंबी चर्चा हुई।

Kiren Rijiu- India TV Hindi
किरन रिजिजू Image Source : PTI

नई दिल्ली: संसद में जारी गतिरोध को दूर करने के प्रयासों के तहत आज संसदीय कार्यमंत्री किरने रिजिजू और राहुल गांधी के बीच लंबी मीटिंग हुई। सूत्रों के मुताबिक इस मुलाकात में परिसीमन बिल पर संसद का विशेष सत्र बुलाने को लेकर चर्चा हुई। सूत्रों का कहना है कि सरकार 15 अगस्त के बाद संसद का विशेष सत्र बुला सकती है। 

राजनीतिक दलों से संपर्क साध रही सरकार

सूत्रों के मुताबिक 16 से 18 अगस्त तक विशेष सत्र में सरकार की कोशिश होगी कि वह परिसीमन बिल पर चर्चा कर उसे पारित करा सके। वहीं इस संबंध में सरकार विभिन्न राजनीतिक दलों से संपर्क साध रही है ताकि इस बिल पर व्यापक सहमति बनाई जा सके।

सूत्रों के मुताबिक संसद में गतिरोध तोड़ने के लिए जहां संसदीय मंत्री किरेन रीजीजू को राहुल और प्रियंका गांधी से बात करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है तो वहीं अन्य विपक्षी दलों से इस मुद्दे पर संवाद स्थापित करने की  केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी, पीयूष गोयल,अर्जुनराम मेघवाल और एस मुरुगन को दी गई है । ये नेता अलग-अलग विपक्षी दलों के नेताओं से बातचीत करेंगे।

FCRA संशोधन बिल अगले सप्ताह पेश करने की तैयारी

इसके साथ ही, सरकार अगले सप्ताह Foreign Contribution (Regulation) Amendment Bill, 2026 (एफसीआरए संशोधन विधेयक, 2026) को भी संसद में पेश करने की तैयारी कर रही है। यह विधेयक विदेशी अंशदान से जुड़े मौजूदा कानून में संशोधन का प्रस्ताव लेकर आएगा। हालांकि, विशेष सत्र की तारीख और एजेंडा को लेकर सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। लेकिन सूत्रों का कहना है कि आने वाले दिनों में इस संबंध में औपचारिक फैसला लिया जा सकता है। 

बता दें कि कांग्रेस का रुख पहले से ही स्पष्ट है कि वह परिसीमन बिल का विरोध करेगी। संसद के मानसून सत्र से पहले हुई कांग्रेस संसदीय दल की बैठक में ही पार्टी ने तय किया था कि अगर सरकार परिसीमन बिल लाती है तो इसका पार्टी की ओर से विरोध किया जाएगा।

क्या है परिसीमन बिल?

सरकार ने लोकसभा और राज्य की विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत रिजर्वेशन देने के लिए एक अहम कदम उठाया है। इसके तहत सांसदों और विधायकों की संख्या बढ़ाने के लिए परिसीमन से जुड़े प्रावधानों वाला बिल सरकार एक बार फिर संसद में लाना चाहती है। बता दें कि इस बिल से संविधान संशोधन के बाद लोकसभा में सदस्यों की संख्या 543 से बढ़कर 850 हो जाएगी। इनमें से 815 सीटें राज्यों के लिए रहेंगी जबकि 35 सीटें केंद्र शासित प्रदेशों के लिए होंगी। इस बिल को पास कराने के लिए संविधान के अनुच्छेद 81 में संशोधन का प्रस्ताव रखा गया है। 

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